Gujarat Housing Society Transfer Fee Rules गुजरात सरकार ने हाउसिंग सोसायटी में संपत्ति हस्तांतरण को अधिक पारदर्शी और सस्ता बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने गुजरात सहकारी सोसायटी (संशोधन) नियम 2025 के तहत हाउसिंग सोसायटी के लिए अधिकतम ट्रांसफर शुल्क को सीमित कर दिया है और विकास शुल्क पर भी रोक लगा दी है।
हाउसिंग सोसायटी में मनमाने शुल्क पर रोक
गुजरात में हाउसिंग सोसायटियों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कई सोसायटी नए खरीदारों से लाखों रुपये तक ट्रांसफर शुल्क लेती थीं, जिससे घर खरीदना महंगा और मुश्किल हो जाता था। सरकार के इस नए नियम के लागू होने से अब सोसायटियां अपनी मनमानी नहीं चला सकेंगी।
विकास शुल्क पर भी लगाई गई रोक
नए नियमों के तहत, हाउसिंग सोसायटियों को विकास शुल्क, दान, या किसी अन्य फंड में योगदान लेने की अनुमति नहीं होगी। पहले, सोसायटी विकास शुल्क के नाम पर लाखों रुपये वसूलती थीं, जिससे नए खरीदारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था।
नए नियमों के लाभ:
✔ घर खरीदना हुआ सस्ता और आसान ✔ अत्यधिक ट्रांसफर शुल्क पर रोक ✔ विकास शुल्क और अन्य अतिरिक्त शुल्कों पर प्रतिबंध ✔ संपत्ति का विरासत में हस्तांतरण बिना किसी शुल्क के संभव ✔ अधिक पारदर्शिता और खरीदारों के लिए राहत
रियल एस्टेट विशेषज्ञों और खरीदारों की प्रतिक्रिया
गुजरात सरकार के इस फैसले का रियल एस्टेट विशेषज्ञों और घर खरीदारों ने स्वागत किया है। रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक बहुप्रतीक्षित सुधार था, जो घर खरीदने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और किफायती बनाएगा।
नए नियमों से हाउसिंग सेक्टर में बदलाव की उम्मीद
हर साल गुजरात में करीब 1,500 नई हाउसिंग सोसायटी पंजीकृत होती हैं। लेकिन ट्रांसफर शुल्क पर स्पष्ट प्रावधानों की कमी के कारण, सोसायटी मनमाने ढंग से शुल्क वसूलती थीं। अब सरकार के नए नियम लागू होने से इस प्रक्रिया को सही दिशा में लाया गया है।
निष्कर्ष
गुजरात सरकार द्वारा गुजरात सहकारी सोसायटी (संशोधन) नियम 2025 के तहत किए गए ये बदलाव घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होंगे। नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक शुल्कों पर रोक लगेगी और आम नागरिकों के लिए घर खरीदना अधिक सुलभ और किफायती हो जाएगा।

