में सुप्रीम कोर्ट अपना बहुप्रतीक्षित फैसला आज सुबह साढ़े 10 बजे
सुनायेगा. शीर्ष न्यायालय की वेबसाइट पर एक नोटिस के माध्यम से शुक्रवार
शाम इस बारे में जानकारी दी गई. चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली
बेंच इसपर फैसला सुनाएगी. 16 अक्टूबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या
मामले पर सुनवाई पूरी कर ली थी. 6 अगस्त से लगातार 40 दिनों तक इसपर सुनवाई
हुई. बता दें कि 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं. वे
सुप्रीम कोर्ट के 46वें चीफ जस्टिस हैं. तो आइए एक नजर डालते हैं अब तक
घटनाक्रम पर….
Breaking News
9 नबंबर: चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली बेंच इसपर फैसला सुनाएगी. 6 अगस्त से लगातार 40 दिनों तक इसपर सुनवाई हुई.
10:41
– निर्मोही अखाडा का दावा ख़ारिज कर दिया है. निर्मोही अखाडा जगह की सेवा करना चाहता था – चीफ जस्टिस
10:51
– बाबरी मस्जिद सिर्फ खाली जमीन नहीं बनी है – चीफ जस्टिस
– ASI नहीं बता पाया की मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी थी
– विवादित जमीन राम लल्ला की
11:12
– मुस्लिम पक्षकार को जमीन देनी पड़ेगी 5 अकड़ जमीन कही और देनी ही पड़ेगी
– राम मंदिर ट्रस्ट बनाकर मंदिर बनना ने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को सौंपी गयी
– केंद्र सरकार मंदिर बनाने का नियम बनाने होंगे
ने फैजाबाद जिला अदालत में याचिका दायर कर विवादित ढांचे के बाहर शामियाना
तानने की अनुमति मांगी। अदालत ने याचिका खारिज कर दी.
विवादित स्थल में जमीन अधिग्रहण के लिए केंद्र ने ‘अयोध्या में निश्चित
क्षेत्र अधिग्रहण कानून’ पारित किया. अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को लेकर
इलाहाबाद हाई कोर्ट में कई रिट याचिकाएं दायर की गईं. इनमें इस्माइल फारूकी
की याचिका भी शामिल. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 139ए के तहत अपने अधिकारों
का इस्तेमाल कर रिट याचिकाओं को स्थानांतरित कर दिया जो हाई कोर्ट में
लंबित थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने 2 : 1 बहुमत से विवादित क्षेत्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड,
निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच तीन हिस्सों में बांटने का आदेश दिया.
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कोर्ट ने तीन सदस्यीय पीठ का गठन किया जो 1994 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के
फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि विवादित स्थल से उचित
दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बनाई जा सकती है.
कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया कि दस
दिनों के अंदर दो अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति करें जो विवादिस्त
स्थल की यथास्थिति की निगरानी करे.
ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 1994 के फैसले की टिप्पणियों पर
पुनर्विचार के मुद्दे को बड़े पीठ के पास भेजने का आग्रह किया.
ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कुछ मुस्लिम समूह 1994 के फैसले की टिप्पणियों
पर पुनर्विचार की मांग कर सुनवाई में विलंब करना चाहते हैं.
कोर्ट ने मामले को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष भेजने से इंकार किया.
मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर को तीन सदस्यीय नयी पीठ द्वारा किए जाने की
बात कही.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मालिकाना हक मामले में सुनवाई की तारीख तय करने के
लिए उसके द्वारा गठित उपयुक्त पीठ दस जनवरी को फैसला सुनाएगी.
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का गठन
किया जिसकी अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई करेंगे और इसमें
न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमन्ना, न्यायमूर्ति यू यू ललित
और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ शामिल होंगे.
यू यू ललित ने मामले से खुद को अलग किया जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले
की सुनवाई 29 जनवरी को नयी पीठ के समक्ष तय की.
ने मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ का पुनर्गठन किया.
नयी पीठ में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे,
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए
नजीर शामिल थे.
ने मध्यस्थता का सुझाव दिया और फैसले के लिए पांच मार्च की तारीख तय की
जिसमें मामले को अदालत की तरफ से नियुक्त मध्यस्थ के पास भेजा जाए अथवा
नहीं इस पर फैसला लिया जाएगा.
कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए विवाद को एक समिति के पास भेज दिया जिसके
अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला बनाए गए.
अखाड़े ने अयोध्या स्थल के आसपास की अधिग्रहीत जमीन को मालिकों को लौटाने
की केन्द्र की याचिका का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया.
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कहा कि 17 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर 17 नवंबर तक फैसला सुनाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को
सुरक्षा प्रदान करने के लिये कहा.
10:41
– निर्मोही अखाडा का दावा ख़ारिज कर दिया है. निर्मोही अखाडा जगह की सेवा करना चाहता था – चीफ जस्टिस
10:51
– बाबरी मस्जिद सिर्फ खाली जमीन नहीं बनी है – चीफ जस्टिस
– ASI नहीं बता पाया की मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी थी
– विवादित जमीन राम लल्ला की
11:12
– मुस्लिम पक्षकार को जमीन देनी पड़ेगी 5 अकड़ जमीन कही और देनी ही पड़ेगी
– राम मंदिर ट्रस्ट बनाकर मंदिर बनना ने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को सौंपी गयी
– केंद्र सरकार मंदिर बनाने का नियम बनाने होंगे


