क्या आप भी नवरात्रि से लेकर दिवाली और भाई दूज तक के त्योहारों की सही तारीखों को लेकर उलझन में हैं? दरअसल, यह उलझन हर साल कई लोगों के साथ होती है। हिंदू त्योहार चंद्र तिथि पर आधारित होते हैं। इसलिए, हर साल इनकी तारीख अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से बदल जाती है। खास बात यह है कि 2026 में अधिक मास होने के कारण, इस बार कई बड़े त्योहार सामान्य से थोड़ा देर से आ रहे हैं। इसलिए, अगर आप भी सही तारीखें जानकर पूजा और यात्रा की योजना बनाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। नवरात्रि से लेकर लाभ पंचम तक, हर त्योहार की पूरी जानकारी आगे पढ़ें।
नवरात्रि से दिवाली तक: मुख्य त्योहारों की सूची
सबसे पहले, नवरात्रि से दिवाली और उसके बाद के त्योहारों की तारीख नीचे टेबल में देखें:
| तारीख (2026) | दिन | त्योहार |
|---|---|---|
| 11 अक्टूबर | रविवार | शारदीय नवरात्रि प्रारंभ (घटस्थापना) |
| 19 अक्टूबर | सोमवार | दुर्गा अष्टमी / महानवमी पूजा |
| 20 अक्टूबर | मंगलवार | दशहरा (विजयादशमी) |
| 29 अक्टूबर | गुरुवार | करवा चौथ |
| 6 नवंबर | शुक्रवार | धनतेरस |
| 7 नवंबर | शनिवार | छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी |
| 8 नवंबर | रविवार | दिवाली (लक्ष्मी पूजा) |
| 10 नवंबर | मंगलवार | गोवर्धन पूजा |
| 11 नवंबर | बुधवार | भाई दूज |
| 14 नवंबर | शनिवार | लाभ पंचम |
| 15 नवंबर | रविवार | छठ पूजा |
नवरात्रि के बारे में जानें
नवरात्रि नौ दिनों तक चलने वाला त्योहार है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। दरअसल, यह पर्व साल में चार बार आता है। हालांकि, शारदीय नवरात्रि को सबसे प्रमुख माना जाता है। इस दौरान गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जाते हैं। साथ ही, कई लोग इन नौ दिनों में उपवास भी रखते हैं।
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दशहरा (विजयादशमी) क्या है?
दशहरा, नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है। यह पर्व भगवान राम की रावण पर जीत का प्रतीक है। इसलिए, इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है। कई जगहों पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं। इसके अलावा, इस दिन शस्त्र पूजा की परंपरा भी निभाई जाती है।
करवा चौथ का महत्व क्या है?
करवा चौथ, विवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला खास व्रत है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को चांद देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है। इसलिए, इस दिन चांद निकलने का समय हर शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
धनतेरस से भाई दूज तक: दिवाली के पांच दिन
दिवाली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं है। दरअसल, यह पांच दिनों तक चलने वाला उत्सव है। हर दिन का अपना अलग महत्व होता है।
- धनतेरस: इस दिन नए बर्तन, सोना या चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही, धन्वंतरि भगवान की पूजा भी की जाती है।
- छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी): इस दिन घर की साफ-सफाई और सजावट पूरी की जाती है।
- दिवाली (लक्ष्मी पूजा): यह पूरे उत्सव का मुख्य दिन है। इस दिन घरों को दीयों से सजाया जाता है, और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
- गोवर्धन पूजा: यह दिन भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से जुड़ा है।
- भाई दूज: इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं, और भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।
लाभ पंचम का क्या महत्व है?
लाभ पंचम, खासतौर पर गुजराती समुदाय में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल, यह दिन व्यापार के नए हिसाब-किताब की शुरुआत का प्रतीक है। इसलिए, कई व्यापारी इस दिन अपने नए बही-खाते की शुरुआत करते हैं। साथ ही, इसे व्यापार में तरक्की और लाभ पाने के लिए भी शुभ माना जाता है।
इस साल त्योहार देर से क्यों आ रहे हैं?
अगर आपको लगता है कि इस साल त्योहार सामान्य से देर से आ रहे हैं, तो यह सोच सही है। दरअसल, 2026 में अधिक मास यानी एक अतिरिक्त चंद्र महीना आया है। यह अधिक मास 17 मई से 15 जून के बीच पड़ा था। इसलिए, इसका असर पूरे साल के हिंदू कैलेंडर पर पड़ा है। नतीजतन, रक्षाबंधन से लेकर दिवाली तक, कई बड़े त्योहार इस साल सामान्य से थोड़ा देर से मनाए जा रहे हैं।
साल 2026 के कुछ और प्रमुख त्योहार
नवरात्रि-दिवाली सीजन के अलावा, साल के अन्य महीनों में भी कई बड़े त्योहार आते हैं:
- वसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026, शुक्रवार — मां सरस्वती की पूजा का दिन।
- महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026, रविवार — भगवान शिव की उपासना का विशेष दिन।
- होली: 4 मार्च 2026, बुधवार — रंगों का त्योहार।
- चैत्र नवरात्रि: 19 से 27 मार्च 2026 — राम नवमी के साथ समापन।
- रक्षाबंधन: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार — भाई-बहन के प्यार का प्रतीक।
- जन्माष्टमी: 4 सितंबर 2026, शुक्रवार — भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव।
- गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार — भगवान गणेश की स्थापना और पूजा।
तारीखों को लेकर किन बातों का रखें ध्यान?
हिंदू त्योहार तिथि पर आधारित होते हैं, न कि अंग्रेजी कैलेंडर की तय तारीख पर। दरअसल, इसी वजह से कभी-कभी अलग-अलग पंचांग में एक ही त्योहार की तारीख में एक दिन का फर्क भी देखने को मिल सकता है। यह फर्क आमतौर पर तिथि के शुरू और खत्म होने के सही समय की गणना के कारण होता है। इसलिए, पूजा का सही मुहूर्त जानने के लिए, हमेशा अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर से भी जानकारी जरूर लें।
निष्कर्ष: समय रहते करें त्योहारों की तैयारी
नवरात्रि से लेकर भाई दूज और लाभ पंचम तक का यह पूरा सीजन, भारतीय संस्कृति और परिवारों के लिए बेहद खास होता है। इसलिए, सही तारीखें पहले से जान लेने पर, पूजा, खरीदारी और यात्रा की योजना बनाना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है। हालांकि, स्थानीय पंचांग के हिसाब से समय में मामूली अंतर हो सकता है। इसलिए, अंतिम तारीख की पुष्टि हमेशा अपने नजदीकी पंडित या मंदिर से जरूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. 2026 में नवरात्रि कब से शुरू हो रही है?
शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगी।
2. 2026 में दिवाली किस तारीख को है?
दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
3. भाई दूज कब है?
भाई दूज 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।
4. लाभ पंचम किस दिन पड़ रहा है?
लाभ पंचम 14 नवंबर 2026, शनिवार को है। हालांकि, सटीक पुष्टि के लिए स्थानीय पंचांग जरूर देखें।
5. इस साल त्योहार देर से क्यों हैं?
2026 में अधिक मास (17 मई से 15 जून) आने के कारण, इस साल कई बड़े त्योहार सामान्य से देर से पड़ रहे हैं।
6. करवा चौथ कब है?
करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
Disclaimer: हिंदू त्योहार चंद्र तिथि पर आधारित होते हैं, इसलिए अलग-अलग पंचांग और क्षेत्र के हिसाब से तारीख में एक दिन का अंतर हो सकता है। पूजा के सटीक मुहूर्त के लिए हमेशा स्थानीय पंचांग या पंडित से पुष्टि करें।
