कल्पना कीजिए, आप लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी मतदान के दिन बड़े उत्साह के साथ पोलिंग बूथ पर पहुँचते हैं। लंबी कतार में लगने के बाद जब आपकी बारी आती है, तो अधिकारी आपसे कहता है—”क्षमा करें, आपका नाम इस सूची में नहीं है।” यह एक डरावना अनुभव हो सकता है, लेकिन गुजरात में यह हकीकत बन सकता है। राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में ‘स्पेशल ईंटेन्सिव रिवीजन’ (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें से चौंकाने वाले 73.73 लाख नाम हटा दिए गए हैं।…
