कोलकाता की गलियों में एक सन्नाटा पसरा था, जो सिर्फ रातों में सुनाई देने वाली कुछ दबी हुई आहटों से टूटता था। ये आहटें किसी मामूली भूत-प्रेत की नहीं, बल्कि इतिहास के उन अनकहे सच की थीं, जिन्हें सालों से मिट्टी के नीचे दबाया गया था। जब युवा पत्रकार विक्रम सिंह ने एक साधारण सी गुमशुदगी की फाइल खोली, तो उसे नहीं पता था कि वह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक पूरी सदी का डरावना राज बाहर निकाल रहा है। हर कदम पर एक नया धोखा, हर सबूत के…
